18/05/2026
अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर पालमपुर विज्ञान केन्द्र, पालमपुर में विविध वैज्ञानिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन
नई 3D फिल्म ‘Aliens Among the Stars’ का लोकार्पण; कार्यशालाओं एवं विज्ञान गतिविधियों में विद्यार्थियों ने दिखाई उत्साहपूर्ण सहभागिता
पालमपुर 18 मई। पालमपुर विज्ञान केन्द्र, पालमपुर, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद्, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की एक इकाई; में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर सोमवर को विभिन्न शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन में विज्ञान, संग्रहालयों तथा रचनात्मक अधिगम के प्रति रुचि विकसित करना रहा।
इस अवसर पर पालमपुर विज्ञान केन्द्र, पालमपुर के प्रधान संग्रहाध्यक्ष एवं केन्द्र प्रमुख राम स्वरूप ने स्वागत संबोधन में विज्ञान केन्द्रों एवं संग्रहालयों की शैक्षिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान केन्द्र एवं संग्रहालय समाज के विभिन्न सांस्कृतिक, भाषायी एवं सामाजिक वर्गों के लोगों को एक साझा मंच प्रदान करते हैं। संग्रहालयों में प्रदर्शित कलाकृतियाँ, वैज्ञानिक प्रदर्श एवं ऐतिहासिक सामग्री संवाद का ऐसा माध्यम बनती हैं, जो भाषा, संस्कृति एवं सामाजिक विभाजनों से ऊपर उठकर लोगों को एक-दूसरे से जोड़ती हैं। विज्ञान केन्द्र एवं संग्रहालय सामाजिक समरसता एवं पारस्परिक समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि संग्रहालयों एवं विज्ञान केन्द्रों का उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज में वैज्ञानिक चेतना एवं समावेशी सोच का विकास करना भी है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अवेरी के प्रधानाचार्य रवींद्र कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आगंतुकों को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान केन्द्र एक संग्रहालय के रूप में विद्यार्थियों को विज्ञान, नवाचार एवं रचनात्मक गतिविधियों से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने पालमपुर विज्ञान केन्द्र की सराहना करते हुए बताया कि पालमपुर विज्ञान केन्द्र प्रतिवर्ष एक नवीन सुविधा को जोड़ते आ रहा है। उन्होंने कहा कि संग्रहालयों में प्रदर्शित विभिन्न वैज्ञानिक प्रदर्श, प्रयोग एवं गतिविधियाँ विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं, जिससे उनका समग्र बौद्धिक एवं वैज्ञानिक विकास संभव हो पाता है। अंत में उन्होंने केन्द्र को शुभकामनाएँ प्रेषित की और सभी से विज्ञान केन्द्र का सदुपयोग करने का आग्रह किया ।
कार्यक्रम के अंतर्गत पालमपुर विज्ञान केन्द्र, पालमपुर में नई 3D फिल्म ‘Aliens Among the Stars’ का लोकार्पण किया गया तथा विद्यार्थियों व शिक्षकों को फिल्म का प्रदर्शन भी कराया गया। फिल्म के माध्यम से प्रतिभागियों को अंतरिक्ष एवं विज्ञान से संबंधित रोचक एवं ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त हुई। तत्पश्चात विज्ञान संग्रहालयों को टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भूमिका पर दिए लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान में केंद्र प्रमुख ने समावेशी समाज के निर्माण में विज्ञान संग्रहालयों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए भविष्य में सामुदायिक सहभागिता और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य में मृत्तिका शिल्प कार्यशाला तथा नक्षत्र मानचित्र निर्माण कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। मृत्तिका शिल्प कार्यशाला में विद्यार्थियों व शिक्षकों ने मिट्टी का उपयोग कर विभिन्न वैज्ञानिक एवं कलात्मक आकृतियाँ तैयार कीं, जबकि नक्षत्र मानचित्र निर्माण कार्यशाला में प्रतिभागियों ने तारामंडल एवं नक्षत्र मानचित्र बनाकर खगोल विज्ञान के प्रति अपनी रुचि एवं समझ का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा उनके विशेष संग्रह जैसे सिक्के, डाक टिकट आदि का प्रदर्शन भी किया गया।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों व सामान्य आगंतुकों को केन्द्र की मनोरंजक विज्ञान दीर्घा, अदम्य धरा दीर्घा और विज्ञान पार्क का भ्रमण करवाया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विज्ञान आधारित प्रदर्शों एवं गतिविधियों का अवलोकन कर वैज्ञानिक अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझा।
कार्यक्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, अवेरी; एंजल पब्लिक स्कूल, भवारना तथा हिमालयन पब्लिक स्कूल, पपरोला के लगभग 94 विद्यार्थियों एवं 06 शिक्षकों और लगभग 20 सामान्य आगंतुकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने विज्ञान केन्द्र द्वारा आयोजित गतिविधियों की सराहना करते हुए इसे ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अत्यंत रोचक बताया तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
यह आयोजन विद्यार्थियों एवं आमजन में विज्ञान, नवाचार, संग्रहालयों तथा रचनात्मक अधिगम के प्रति रुचि विकसित करने में प्रभावी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।