14/06/2025
आज हम एक ऐसी हृदयविदारक घटना पर शोक प्रकट करने एकत्र हुए हैं, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। एक विमान हादसे में 241 निर्दोष लोगों की असमय मृत्यु ने न केवल उनके परिवारों को, बल्कि हम सभी को गहरे दुख में डुबो दिया है। यह हादसा सिर्फ एक तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि मानवता पर एक गहरा घाव है।
हर एक मुसाफिर के पीछे एक कहानी थी—किसी का बेटा, किसी की माँ, किसी की उम्मीद, किसी का सपना। वे लोग जो सफर पर निकले थे, कभी लौटकर नहीं आए। आज उनके खालीपन को शब्दों में बयान कर पाना असंभव है।
हम उनके परिवारों के साथ इस दुःख की घड़ी में खड़े हैं। यह समय संवेदनाओं को बाँटने और सुरक्षा के प्रति हमारी जिम्मेदारी को याद करने का है। सरकार और विमानन विभाग को चाहिए कि वे इस त्रासदी से सीखें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं।
241 जिंदगियों की यह कीमत हमें चेतावनी देती है—अब लापरवाही नहीं, अब सिर्फ ज़िम्मेदारी।
ईश्वर सभी दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें।
ओम् शांति।