13/08/2024
100 आदमी 50-50 रुपए करके भगवान के यहां पार्टी करने से अच्छा है किसी बैसारे गरीब को दो इससे भगवान भी खुश और धीरे-धीरे देश की गरीबी भी हटेगी । किसी भगवान के मंदिर की दान पेटी से 2 करोड़ निकले 2 करोड़ 200 गरीब को देते तो 200 गरीब की गरीबी हट जाती इसके बाद सभी लोगों का सवाल अरे भाई कैसी बात कर रहा है अगर 2 करोड़ 200 गरीब को दे दिए तो मंदिर के देखभाल में क्या लगाएंगे और जो सुरक्षा कर्मचारी रहते हैं उन्हें क्या देंगे तो मैंने जवाब दिया सरकार किस काम की । अब मैं बताता हूं अभी थोड़े दिन पहले एक जगह गया तो मैं एक पोस्ट देखा उसमें लिखा हुआ था 5100 उसने दिए 5000 उसने दिए 6000 उसने दिए 7000 उसमें दिए 3000 उसने दिए और थोड़ी देर बाद में एक दुकान पर गया मैं ₹5 की सुपारी खरीदी तो दुकानदार ने तीन सुपारी दी फिर मैंने एक चिप्स खरीदी पांच की चिप्स 10 में दे रहे थे मैंने पूछा ऐसे क्यो दुकानदार ने जवाब दिया की सरकार के पार्टी के लोग हमसे 5000 ₹6000 हजार महीना लेते हैं मैंने कहा जगह तो सरकारी है ना यह क्या हो रहा है भगवान के यहां इसका जवाब है किसी के पास । और यहां पर कोई करोड़पति 17 करोड़ की घड़ी पहनने वाले नहीं आते यहां पर ₹7000 महीना कमाने वाली जाति फिर भी वह ₹7000 महीने कमाते हैं और करोड़पति किसी भगवान के यहां नहीं जाते तो भी करोड़पति हो जाते हैं यह चल क्या रहा है देश में । मेरा लोगों से एक ही सवाल है बस की बड़े लोगों को बुलाकर खाना खिलाने से अच्छा है गरीबों के घर जाकर खाना खिलाओ और महंगी चीज पहनने से अच्छा है किसी रोज के ₹200 कमाने वाले गरीब को ₹500 देखकर । उसे कितनी खुशी मिलेगी मुझे पता है गुस्सा भी आ रहा होगा जो लोग भगवान के यहां लहसुन कांदा ले जाते हैं चांदी के अगर लहसुन को छीलकर 10 घरों में देतेना तो 1 महीने का राशन आ जाता। भगवान तो दो अगरबत्ती से खुश हो जाते हैं मुझे लगता है भगवान की पार्टनरशिप में काम कर रहा है। उज्जैन चले जाओ ₹500 लगेंगे डायरेक्ट दर्शन करवा देंगे तो अमीर आदमी ₹500 देकर डायरेक्ट चला गया यही बात गरीब आदमी को बोला तो उसने सोचा अगर मैंने ₹500 यहां दें दिया तो मैं घर कैसे जाऊंगा यह चल रहा है हमारे देश के मंदिरों में सबसे ज्यादा गरीब लोगों की जाते हैं अमीरों के पास तो टाइम ही नहीं वह तो भगवान कोई खरीद लेते हैं अगर कभी जरूरत पड़े तो आज काल लोग मदद कैसे करते हैं मैं बताता हूं ।