07/09/2026
बाबा नीब करौरी (नीम करौली बाबा / महाराज-जी) एक प्रसिद्ध हिंदू संत और हनुमान जी के अनन्य भक्त थे।
● मूल जानकारी
• असली नाम: लक्ष्मी नारायण शर्मा (कुछ स्रोतों में लक्ष्मण नारायण शर्मा भी लिखा मिलता है)।
• जन्म: लगभग 1900 में (कई स्रोतों के अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी, 30 नवंबर 1900) उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की टूंडला तहसील के अकबरपुर गांव में एक ब्राह्मण परिवार में।
• पत्नी: रामबेटी देवी। बचपन में ही विवाह हो गया था (लगभग 11 वर्ष की आयु
• परिवार: दो पुत्र (अनेक सिंह शर्मा और धर्म नारायण शर्मा) तथा एक पुत्री।
● नाम कैसे पड़ा ?
युवावस्था में साधु के रूप में घूमते समय वे बिना टिकट ट्रेन में सवार थे। फर्रुखाबाद क्षेत्र के नीब करौरी (नीम करोली) गांव के पास टिकट न होने पर उन्हें उतार दिया गया। इसके बाद ट्रेन आगे नहीं बढ़ी। अधिकारियों के अनुरोध पर वापस बैठने के बाद ही ट्रेन चली। इसी घटना और उस स्थान से जुड़ाव के कारण वे नीब करौरी बाबा या नीम करौली बाबा के नाम से प्रसिद्ध हो गए। उन्हें हांडी वाले बाबा, तलैया बाबा, तिकोनिया बाबा और चमत्कारी बाबा जैसे नामों से भी जाना जाता था।
☆ जीवन और आश्रम:
बचपन में ही वैराग्य की ओर रुझान था। कुछ समय घर छोड़कर साधना की, बाद में परिवार के अनुरोध पर लौटे, फिर आध्यात्मिक पथ पर आगे बढ़े।
उनके प्रमुख आश्रमः
• कैंची धाम (नैनीताल, उत्तराखंड) – 1964 में स्थापित, हनुमान मंदिर सहित सबसे प्रसिद्ध केंद्र ।
• वृंदावन (उत्तर प्रदेश)
• अन्य स्थानों पर भी कई मंदिर और आश्रम बने (भूमियाधार, काकरीघाट, हनुमानगढ़ी आदि)।
वे “सब एक" (सभी एक हैं), प्रेम, सेवा और सत्य पर जोर देते थे। भक्त उन्हें हनुमान जी का अंश मानते हैं और कई चमत्कारिक घटनाओं से जोड़ते हैं।